पितृ दिवस, 19 जून 2022(Father’s Day in Hindi)

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मेरी पहचान हैं मेरे पापा, 

मेरी हर खुशी हैं मेरे पापा,

जो हैं लाखों में एक,

वो मेरी जान हैं मेरे पापा। (I love you PAPA!)

मेरे पिता दुनिया के सबसे अच्छे पिता हैं (पितृ दिवस पर विशेष )

मुझे दु:ख हैं की जितने भी दुनिया में सुपर हीरो हैं उन सब ने कभी मेरे पापा से उनकी परेशानी के बार में पुछा नहीं। आज मुश्किलों के कितने पर्वत पार किए। आज कितनी परेशानी का सामना किया। कुछ खाया भी हैं या नहीं। उनसे कभी नहीं पूछते की हमने नए कपड़े दिलवाने के लिए अपने कितने कपड़े कुर्बान किए। उनसे कभी नहीं पूछते के हमारे सपने पूरे करने के लिए आपने कितने सपने मार दिए। उनसे थोड़ी पुछते हैं की हमारी ख्वाहिशें पूरी करने के लिए आज कितनी ज्यादा महानत की।

आज मुश्किलों के कितने पर्वत पार किए। आज कितनी परेशानी का सामना किया कुछ खाया भी हैं या नहीं। उनसे कभी नहीं पूछते की हमने नए कपड़े दिलवाने के लिए अपने कितने कपड़े कुर्बान किए। उनसे कभी नहीं पूछते के हमारे सपने पूरे करने के लिए आपने कितने सपने मार दिए। उनसे थोड़ी पुछते हैं की हमारी ख्वाहिशें पूरी करने के लिए आज कितनी ज्यादा महानत की।

हमारी तरह सभी के लिए पापा भगवान से कम नहीं होते हैं जो हमारी हर ख्वाहिशों को पूरा करते हैं, जो हमारे बिना बोले हमारी बातें समझ जाते हैं कि हम सबको किस चीज की जरूरत है, पर हम ये भूल जाते हैं की हमारे पापा भी एक इंसान ही हैं जो हमारे सपने पूरे करने के लिए भगवान बन जाते हैं।

हमें ये समझना चाहिए की जैसे हमारे सपने या ख्वाहिशें हैं। वैसे ही हमारे पापा के भी सपने या ख्वाहिशें हैं। जिन्हें वो हमेशा हमसे छिपाकर रखते हैं।

वो बरसो से अपने लिए नया कुर्ता नहीं सिल्वा पाए, वही पुराने फटे कपड़े फिर से सिलवाके पहनते रहते हैं।कपडें, मिठाइयाँ मैं जो कुछ भी माँगता मुझे मिल जाता। कुछ किस्से हैं, पितृ दिवस जो हमेशा के लिए मेरे दिल में दर्ज हो गए मैं कभी नहीं भूल पाऊंगा कि मेरी खुशियाँ खरीदने के लिए मेरे पापा खर्च हो गए। 

मैं कभी डरता नहीं किसी मुश्किल, किसी चुनौती और किसी असफलता से। मैं जानता हूँ अगर मेरा वक्त बिगड़ जाएगा, अगर मेरा सुख का समय चला जाएगा, अगर मेरी जिंदगी में दु:ख बढ़ जाएगा तो कोई हैं जो मेरे लिए भगवान से भी लड़ जाएगा, कयामत भी आ जाए तो मेरा क्या बिगाड़ेगी अभी मेरे पापा  जिंदा हैं।

पापा आप बहुत कठोर है, मैं जब रोता तब माँ गोद में उठा लेती हैं और आप मुझे माँ की गोद से उतार कर जमीन पर उतार देते थे और कहते हैं मजबूत बनो।जब मैं स्कूल पहली बार गया तब मैं बहुत रोया तब भी मुझे चुप कराने की जगह आप यही कहते रोना बंद करो, मजबूत बनो।

जब मैं बचपन में साइकिल से गिरा और मुझे चोट लग गई। तब भी आपने मेरी चोट की तरफ देखा तक नहीं। तब फिर से यही कहा मजबूत  बनो ! बहुत सुन लिया मैंने मजबूत बनो ! मजबूत बनो ! मजबूत  बनो ! अब आप मेरी  सुनो इस दुनिया में  तब तक रहना जब तक मैं जिंदा हूँ, तब तक आँखें खोले रखना जब तक मैं सामने दिखता रहूँ, पापा

अगर आपको “मातृ दिवस” के बारे मैं जानकारी चाइये तो यहाँ जाए…

पापा मैं आपको कैसे समझाऊँ कि मैं इतना मजबूत कभी भी नहीं  बन पाऊंगा कि मैं आपके बिना जी पाँऊ।

बचपन में बहुत अच्छे स्कूल में पढ़ता था, इसी बात से रोज ईर्ष्या भी करता था क्योंकि वहाँ पर सभी लोग बहुत अमीर घर से थे, अपनी-अपनी पापा की कार में स्कूल आते थे, रोज लंच में पार्टी करते थे, कभी कभी विदेश घूमने भी जाते थे। यह सब देख देख कर मुझे बहुत गुस्सा आता था एक दिन मैंने पापा से पूछ ही लिया कि पापाआप भी क्यों इतने अमीर नहीं हो, मेरे बाकी दोस्तों के पापा तो इतने ज्यादा अमीर हैं।

उस दिन पापा मुझे कुछ बोले नहीं, बस भरी आँखों से मेरी तरफ देखते रहे, वह आँखें हमेशा के लिए मेरे दिल में छप गईं क्योंकि मुझे अपनी गलतियों का एहसास हो गया था कि मुझे अपने पापा से यह नहीं कहना चाहिए था। उस वक्त पापा ने मुझसे कहा मैंने जो गलती की उसे तुम मत दोहराना। 

मौसम का हाल उसे मत सुनाना जो हर परिस्थिति में गर्मी में ठंड में, धूप में, हर मौसम में आंधी या तूफान हो। तुम्हारे लिए मेहनत करना रहा हो जिसकी जिंदगी भर की कमाई तुम हो उनसे यह मत पूछना कि तुमने कमाया क्या हैं। 

मेरे पास एक सुपर हीरो हैं – (पितृ दिवस पर विशेष )

पापा बहुत नाइंसाफी हुई हैं तुम्हारे साथ। लोग माँ के बारे में बड़ेे-बड़े और प्यारे-प्यारे गीत गाते हैं पर आपके लिए….. यह बात दिल पर मत लेना, सबको माफ करना, आप क्या हो यह किसी को एहसास भी नहीं हैं, आपकी कुर्बानियाँ लिख पाए ऐसी कलम तो भगवान के पास भी नहीं है। मेरे पास एक सुपर हीरो हैं, जो मेरे लिए मेरी सारी जरूरतों का बौझ उठा लेता हैं, जो मेरे लिए  हर मुश्किलों से लड़ जाता है, जो मेरे लिए सारा दिन मेहनत करता हैं, सोने के वक्त भी मेरी चिंता में जागता है मुझे किसी सफेद घोड़े का इंतजार नहीं, मेरा सुपर हीरो मेरे पापा हैं,मुझे उनसे ज्यादा किसी से प्यार नहीं।

मैंने बहुत कुछ सिखा है आपसे…. (पितृ दिवस पर विशेष )

जब दिन भर की मेहनत के बाद भी हाथ कुछ नहीं आया हो, तो खुद पैदल चलकर किराए वाले बचे पैसों से कुछ लाया कैसे जाता है मैंने सीखा है आपसे। सब अपनापन  जताते हैं, अपने गले से लगा कर, पर पापा एक मजबूत कंधा बनके अपनी गीली आँखों को कैसे छुपाया जाता हैं, मैंने सीखा हैंं आपसे।अपने हर अरमानों का गला घोंट के अपने परिवार के सपनों को पाला कैसे जाता हैं, मैंने सीखा हैं आपसे। मुश्किल वक्त में  मुस्कुराया कैसे जाता हैं मैंने सीखा हैं आपसे। 

एक पिता अपने बच्चों को गुणवान और शिक्षित तथा दुनिया का सबसे सफल व्यक्ति बनाना चाहता हैं। खुद से ज्यादा अपने बच्चों को कामयाब देखना चाहता हैं। संतान के लिए पिता की जेब कभी खाली नहीं होती। वह कहते हैं ना -“बच्चों के पिता से ही सारे सपने हैं। पिता साथ हो तो बाजार के सारे खिलौने अपने हैं ”। 

पिता को खोने का दर्द....- (पितृ दिवस पर विशेष )

पिता को खोने का दर्द वह लोग ही समझ सकते हैं जिन्होंने पापा को खोया हैं। यदि संतान अपने माता पिता की राह पर चले और उनके आदेश को ईश्वर का आदेश मानकर चले। तो दुनिया में बड़ी से बड़ी कामयाबी आसानी से हासिल की जा सकती हैं। इसीलिए अपने माता पिता की आज्ञा को। उनकी हर सलाह को मानना चाहिए। क्योंकि माता-पिता से ज्यादा इस दुनिया में हमारा अपना कोई नहीं हैं। 

हमारे लेख को पढ़ने के लिए धन्यवाद, आशा करते है आपको यह पितृ दिवस पर यह लेख पसंद आया होगा।

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